तुम नहीं जानते!
तुम नहीं जानते
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तुम नहीं जानते
विपदा का रूप है क्या?
विष भी मीठा होता है,
है होती कड़वी औषध
तुम नहीं जानते
विपदा की चाल है क्या?
है घर्म धूप की क्षिप्र गति
और शीत-गति है मन्द
तुम नहीं जानते
विपदा कैसी है?
प्रिया तो रमणीय होती है
होती है रमणीय विषकन्या भी
तुम नहीं जानते
विपदा आती है कब?
है जन्म भी होता सद्य सदा
मृत्यु भी आगन्तुक होती है
तुम नहीं जानते
विपदा आयेगी कहाँ?
जन्म वाहन में भी होता है
होती है मृत्यु बिछौने पर
तुम नहीं जानते!
✍️देव
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