तुम्हीं हो जो मुझे देव बनाता है!

तुम्हीं हो जो मुझे देव बनाता है-
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तुम्हारा ये एकटक देखना
मेरे टूटे हुए क्षणों में
भटकने नहीं देता
तुम्हारे ये निश्छल नयन
मुझे मार्ग दिखाते हैं
करते हैं ढेरों बातें
कुछ भी न कहके
और सबकुछ कह जाते हैं
धो देते हैं कलुष मेरे
उर के कोनों से
बन पावनी की धारा
सब धवल कर जाते हैं

तुम्हारा ये बाट जोहना
मुझे घर वापस लाता है
इस चौराहे से जीवन में
सही है क्या? मुझे बताता है
मेरे पैरों से लिपटना तुम्हारा
और लिपट के पुकारना
मेरे थके से पैरों को
संजीवनी दे जाता है

तुम्हारा मेरे साथ निर्द्वंद,
आश्वस्त सा रहना
मुझे प्रेरणा देता है
कि और सशक्त बनना है मुझे

जब तुम सहलाते हो
किसी कीट, किसी पशु को
सुरक्षा का उसे देते हो आश्वासन
तब-तब मैं परिवर्तित होता हूँ
बन जाता हूँ एक विश्वमानव
जिसे पोषित करना है
संरक्षित रखना है
प्रकृति के हर अंश को

हाँ मेरे हृदय के टुकड़े!
हाँ मेरे आत्मा की अभिव्यक्ति!
तुम्हीं हो, जो मुझे देव बनाता है!

✍️ देव


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