राष्ट्रप्रेम

यदि तुम्हारे शब्दों से राष्ट्रप्रेम का घोष न हो
यदि तुम्हारी कलम कृपाण बन राष्ट्रहित में सज्ज न हो
तो ये तुम्हारी लेखनी भारत! निरर्थक है! निरर्थक है!!

यदि तुम्हारी जिह्वा से पुरखों का यशगान न हो
यदि तुम्हारे उर में उनके बलिदानों का मान न हो
तो ये तुम्हारा जीवन भारत! निरर्थक है! निरर्थक है!!


✍️देव

चित्र गूूूगल से साभार

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